मिलिए उस कपल से, जिन्होंने बनाई कोरोना की वैक्सीन, शादी के सालगिरह में भी थे लैब के अंदर

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दुनिया भर के लोग बेसब्री से कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का इंतजार कर रहे हैं. और इस बात की संभावना है कि फाइजर (Pfizer) की कोविड वैक्सीन उन सभी सवालों का जवाब दे सकती है, जो अभी तक लगातार वैक्सीन को लेकर पूछे जा रहे थे. हालांकि वैक्सीन (Vaccine) का इंतजार इंसानी दुनिया पर कम भारी नहीं पड़ा है और अब तक दुनिया भर में करीब 13 लाख लोग कोविड-19 (Covid-19) के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं.

फिर भी जर्मनी (Germany) में रहने वाले मूल रूप से तुर्की (Turkey) इस कपल ने फाइज़र के कोविड-19 टीके (COVID-19 Vaccine) के जरिए पूरी मानवता को रौशनी दी है. कोविड-19 वैक्सीन का निर्माण करने वाले इस कपल की कहानी बहुत रोचक है-

इस कपल ने बनाया है कोरोना का टीका
इस टीके को बनाने के पीछे है एक शादीशुदा कपल, उगुर साहिन और ओजलेम ट्यूरेसी. इन्हें ‘ड्रीम टीम’ भी कहा जा रहा है. फाइजर की कोविड-19 वैक्सीन के पीछे इसी कपल का दिमाग है. इनकी बनाई वैक्सीन को हाल ही में किए गए एक अध्ययन के आधार पर कोरोना को रोकने में 90% प्रभावी पाया गया है.साहिन जर्मन बायोटेक फर्म, बायोएनटेक के सीईओ और सह-संस्थापक हैं. जिसने इस वैक्सीन को बनाया है. और उनकी पत्नी ओजलेम ट्यूरेसी कंपनी बोर्ड में एक साथी सदस्य के तौर पर काम करती हैं.

कभी गरीब था परिवार, अब सबसे अमीर व्यक्ति
कोलोन में फोर्ड कंपनी के एक कारखाने में काम करने वाले तुर्की अप्रवासी के बेटे साहिन का परिवार बचपन में गरीब था. लेकिन अब BioNTech के मुख्य कार्यकारी जर्मनी के 100 सबसे अमीर लोगों में से एक हैं.

अपनी बड़ी उपलब्धियों के बावजूद, साहिन हमेशा ‘डाउन टू अर्थ’ और विनम्र बने रहे. उनके मित्र/ सहकर्मी मथायस क्रोमेयर, जो BioNTech को फंड देने वाली वेंचर कैपिटल फर्म MIG AG के बोर्ड मेंबर भी हैं, उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था-

वह अविश्वसनीय रूप से विनम्र रहे हैं, और उनका व्यक्तित्व कभी नहीं बदला. साहिन आमतौर पर बिजनेस से जुड़ी बैठकों में भी जींस पहनकर और अपने सिग्नेचर साइकिल हेलमेट और बैकपैक के साथ ही पाए जाते थे.

कैंसर के खिलाफ भी लड़ाई लड़ रहे दंपत्ति
यह दंपति कैंसर के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण करने के प्रयास के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं और अब कोरोना वायरस को हरा सकने वाले एक संभावित टीके के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं.

शुरुआत से ही, साहिन चिकित्सा का अध्ययन करना चाहते थे और एक चिकित्सक बनना चाहते थे. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने कोलोन और दक्षिण-पश्चिमी शहर होम्बर्ग के एक शिक्षण अस्पताल में काम किया, और यहीं पढ़ने के दौरान उनकी मुलाकात, उनके जीवन के प्रेम ट्यूरेसी से हुई. दूसरी ओर, साहिन की पत्नी ट्यूरेसी एक तुर्की चिकित्सक की बेटी है जो जर्मनी चली गई थीं.

शादी के दिन भी लैब में किया काम
इस कपल के लिए, चिकित्सा अनुसंधान और कैंसर पर रिसर्च एक साझा जुनून है. इतना की अपनी शादी के दिन भी दोनों ने लैब वर्क के लिए टाइम निकाला था. यह दिखाने की कोशिश थी कि वे अपने काम को कितना प्यार करते हैं.

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कोरोना वायरस प्रसार के बाद उनकी फर्म ने समय बर्बाद किये बिना लगभग 500 कर्मचारियों को कई संभावित यौगिकों पर तेजी से रिसर्च का काम सौंपा. इसके बाद मार्च में उन्होंने फार्मा सेक्टर की दिग्गज फाइजर और चीनी दवा निर्माता कंपनी फोसुन के साथ संयुक्त साझेदारी की. जो अब वैक्सीन के वितरण का काम करेगी.





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