क्या राजस्थान सरकार संकट में है? इस सवाल ने कहां से और कैसे पकड़ा तूल

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सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने बीजेपी पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है.

जयपुर:

मध्य प्रदेश में सरकार गंवाने के बाद अब राजस्थान में उथल-पुथल मची हुई है. सीएम अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. मुख्यमंत्री गहलोत का दावा है कि विधायकों को ‘अपनी निष्ठा बदलने के लिए’ 10 से 15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की जा रही है. राजस्थान के सीएम ने कहा, “मैं चाहता हूं कि पूरा देश जाने की बीजेपी अब अपनी सारी सीमाएं पार कर रही है. वह मेरी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है.” गहलोत ने आगे कहा, “हम विधायकों को पाला बदलने के लिए ऑफर देने की बात सुनते रहे हैं. कुछ लोगों को 15 करोड़ रुपये तक देने का वादा किया गया है और कुछ को अन्य प्रलोभन देने की बात कही गई है. यह लगातार हो रहा है’.  

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कहां से मामले ने पकड़ा तूल

दरअसल इस मामले ने जब राजस्थान में उस समय तूल पकड़ना शुरू किया जब राज्यसभा की दो सीटों के लिए हो रहे चुनाव के दौरान दर्ज हुई शिकायत की जांच में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने बीजेपी से संपर्क रखने वाले दो लोगों को  बियावर और उदयपुर से पकड़ा.  इन दोनों लोगों के फोन में  फ़ोन में बातचीत से विधायकों को प्रलोभन देने की बात सामने आयी है.  लेकिन इनमें से एक निर्दलीय विधायक रमिला खाडिया जिनका FIR में  ज़िक्र किया गया है  उन्होंने  इन आरोपों को खारिज कर दिया है.  

तीन निर्दलीय विधायकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया

दूसरी ओर पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा भी इसक मामले की जांच कर रही है और उसने तीन निर्दलीय विधायकों को इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है.  लेकिन  कांग्रेस के कुछ विधायक कह रहे हैं कि  उनको तोड़ने की कोशिश लगातार हो रही है.  कांग्रेस विधायक जोगिंदर अवाना ने कहा कि ऐसे प्रयास राज्यसभा चुनाव के समय में भी हुए कि विधायकों को तोड़ा जाए. लेकिन नहीं हुआ और हमारे दोनों प्रत्याशी जीते आज भी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है’.

कांग्रेस की अंदरुनी कलह

वहीं बीजेपी के राजस्थान अध्यक्ष सतीश पुनिया का आरोप है कि अशोक गहलोत का निशाना तो उनके ही पार्टी के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर है  और ये आरोप कांग्रेस की अंदरूनी कलह को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, ‘झगड़ा उनका है हमारा क्या लेना देना , हम तो कांग्रेस के खेल में दर्शक है और वो हमें लांछित कर रहे हैं. एसओजी ने जो नाम उजागर किया है वो खुद ही मना कर रही है तो ये तो सिर्फ लांछित करने का काम हो रहा है. 

सरकार पर संकट है या नहीं?

फिलहाल  राजनीतिक आरोप प्रति आरोप के बीच में पुलिस इस मामले में कितने तथ्य जुटा पाती है. उसी से पता लगेगा कि अशोक गहलोत सरकार में संकट में है या नहीं. आपको बता दें कि  राज्य विधानसभा में कुल 200 विधायकों में से कांग्रेस के पास 107 विधायक और भाजपा के पास 72 विधायक हैं. राज्य के 13 में से 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी कांग्रेस को है.

 



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