केंद्र सरकार के पैनल ने की दिल्‍ली के निजी अस्‍पतालों में कम लागत पर कोरोना के इलाज की सिफारिश

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महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु के बाद देश में कोरोना के सबसे ज्‍यादा केस दिल्‍ली में ही हैं

नई दिल्ली:

Covid.19 Pandemic: दिल्ली में कोरोना वायरस केसों की संख्या (Corona Cases In Delhi)में इजाफे के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक पैनल ने मरीजों की राहत के के लिए राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में आइसोलेशन बेड और उपचार की लागत को कम करने की सिफारिश की है. दिल्‍ली में कोरोना वायरस के केसों में आए ‘उछाल’ के बाद पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से की गई सिलसिलेवार बैठकों के बाद ये सिफारिशें सामने आई हैं. गौरतलब है कि दिल्‍ली में कोरोना के केसों की संख्‍या 50 हजार के करीब पहुंच गई है. पैनल ने अपनी सिफारिशों में आइसोलेशन बेड की लागत को लगभग आधा करने की सिफारिश की है. इसी तरह बिना वेंटिलेटर वाले ICU में उपचार को 13,000-15,000 रुपये और वेंटिलेटर वाले ICU में उपचार लागत 15,000-18,000 रुपये के बीच करने की अनुशंसा की गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज दोपहर ट्वीट किया, “दिल्ली में आम आदमी को राहत प्रदान करने के लिए, गृह मंत्री @AmitShah ने आइसोलेशन बेड, आईसीयू के बिना वेंटीलेटर और वेंटिलेटर सपोर्ट युक्‍त आईसीयू के दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा चार्ज की गई दरों को ठीक करने के लिए @NITIAayog के सदस्य के अंर्गत एक समिति का गठन किया गया है.”

गौरतलब है कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद भारत में COVID-19 रोगियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या दिल्‍ली में ही है. दिल्ली सरकार के अनुसार, शहर में कोरोनावायरस के मामले 31 जुलाई तक 5.5 लाख तक पहुंचने की संभावना है. दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि शहर-राज्य में परीक्षण की लागत 2,400 रुपये है. उन्होंने एक ट्वीट करके कहा, “दिल्ली में आज से रैपिड एंटीजन परीक्षण शुरू हो गया है, जो 15 मिनट में परिणाम देता है.मुझे उम्मीद है कि शहर के लोगों को अब परीक्षण करने में कोई परेशानी नहीं होगी.’





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