बाज़ारों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की मिसाल पेश करता दिल्ली का एक थोक मार्केट

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नई दिल्लीः कोरोना के तेज़ी से बढ़ते आकंडों के बीच दिल्ली के बाज़ारो में भीड़ की समस्या एक बड़ी चुनौती है. दिल्ली के कई बड़े बाज़ारों से रोज़ ओवर क्राउडिंग की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. स्ट्रीट हॉकर्स और अवैध दुकान लगाने वालों पर लगाम लगाने की कोशिशें भी प्रशासन की ओर से की जा रही हैं. ऐसे में दिल्ली का एक ऐसा बाज़ार भी है जो अपनी खास इंतजाम के चलते कोरोनाकाल में एक आदर्श बाज़ार की तरह काम कर रहा है.

मिशन रोड के क्लॉथ मार्केट ने किया काबिलेतारीफ काम
भीड़ भाड़ वाले चांदनी चौक इलाके के बीच चर्च मिशन रोड के क्लॉथ मार्केट की एसोसिएशन ने जो इंतज़ाम सोशल डिस्टेंसिंग के लिहाज़ से किये हैं वो वाकई काबिले तारीफ हैं. चांदनी चौक इलाके की व्यस्त बाज़ारों और संकरी गलियों में भीड़ की तस्वीरें हमने अक्सर देखी हैं. कोरोना के समय में ये तस्वीरें डराती भी हैं लेकिन इन्हीं तस्वीरों के बीच चांदनी चौक के चर्च मिशन रोड की क्लॉथ मार्केट की तस्वीर बिल्कुल अलग है. कुल 700 दुकानों वाली इस मार्केट में कोविड से निपटने के लिए एक कोविड मैनेजमेंट समिति भी बनाई गई है. जिसे क्लॉथ मार्केट कोविड मैनेजमेंट समिति का नाम दिया गया है.

सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था
इस बाज़ार में आने जाने के 3 गेट हैं और तीनों पर सैनिटाइज़ेशन, थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है. गेट पर तैनात गार्ड सिर्फ लोगों का तापमान चेक करने के बाद ही किसी को अंदर जाने देते हैं. सिर्फ यही नहीं बाज़ार में सिर्फ वही लोग प्रवेश कर सकते हैं जिन्हें बाज़ार से संबंधित काम हो. हर गेट को खोलने बंद करने का समय तय कर दिया गया है. मुख्य गेट से सुबह 8 बजे के बाद माल ले जाने वालों की एंट्री बन्द कर दी जाती है. सिर्फ लोगों की आवाजाही के लिये इसे इस्तेमाल किया जाता है. बाकी 2 गेट जिनसे माल लाया जाता है वहाँ हर हाथगाड़ी और सामान का प्रवेश से पहले सैनिटाइज़ेशन किया जाता है. मार्केट में साइकिल, स्कूटर, बाइक जो पहले अंदर आ सकती थीं उनका प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.

अवैध स्टॉल्स पर पाबंदी
सबसे अहम कदम जो मार्केट एसोसिएशन ने उठाया है वो है स्ट्रीट हॉकर्स, भीख मांगने वालों और अवैध स्टॉल पर पूरी तरह पाबंदी. मार्केट एसोसिएशन के प्रधान गोपाल गर्ग के मुताबिक पहले बाज़ार में हर किसी को प्रवेश की इजाज़त थी, लोग फुटपाथ पर भी सामान लगा लेते थे जिसकी वहज से पूरी मार्केट में भीड़ रहती थी. लेकिन इस समस्या को अब काबू कर लिया गया है. सभी दुकानदार अपनी सीमा में ही सामान रखते हैं. खुला सामान बेचने वाले स्ट्रीट हॉकर्स और भीख मांगने वालों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. सभी को मास्क पहनना अनिवार्य है और हर दुकान पर सैनिटाइज़र रखना ज़रूरी है.

कोविड मैनेजमेंट समिति का व्हॉट्सएप ग्रुप भी है
गोपाल गर्ग के मुताबिक कोविड मैनेजमेंट समिति का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है. बाज़ार में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति में अगर कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो ये सूचना व्हाट्सएप ग्रुप में दी जाती है. फौरन उस व्यक्ति को पास के सरकारी सेंटर पर निःशुल्क टेस्ट के लिये पहुँचाया जाता है.

क्लॉथ मार्केट दिखाता है दिशा
तंग गलियों और भीड़ से भरे हुए बाज़ारों के लिये मशहूर चांदनी चौक की इस बाजार में जब हमारी टीम पहुंची तो बिना किसी धक्के के, किसी से टक्कर खाये, देह से दूरी बनाये हुए एक गेट से दूसरे गेट तक सुरक्षा के साथ पहुंच गई. ऐसे वक्त में जब अर्थव्यवस्था को संभालना है और महामारी से भी बचना है तो ये क्लॉथ मार्केट एक दिशा दिखाती है कि किस तरह हम खुद प्रयास करके भी सभी नियमों का पालन कर सकते हैं.

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